अध्याय 89

जेम्स ने मेरी आँखों से नज़र मिलाने से पहले एक पल के लिए चुप्पी साध ली। “खैर, अगर तुम मेरे साथ आओगी, तो बस और ज़्यादा बातें बनेंगी।”

“उसे तुम्हारे साथ जाने दो।” मैंने बीच में कहा, मेरी आवाज़ स्थिर थी।

जेम्स और अमेलिया—दोनों ने पलटकर मेरी तरफ देखा।

अमेलिया के चेहरे पर हैरानी की एक लहर आई, फिर गुस्स...

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